मियां बीवी में मोहब्बत की दुआ 5/5 (16)

मियां बीवी में मोहब्बत की दुआ

मियां बीवी में मोहब्बत की दुआ, लोग पूर्ण विश्वास के साथ कहते है कि शौहर और बीवी का रिश्ता खुदा बनाता है। वह तो आसमान में ही बन जाता है, धरती पर तो बस जोड़ दिया जाता है।

यही कारण है खुदा की देन वह मधुर रिश्ता प्यार-मोहब्बत से भरा बहुत ही मजबूत, पाक-साफ और बेशकीमती होता है। इनमें जरा सी भी खलल प़ड़ने पर खुदा ही उसे दुरूस्त भी करता है। इसलिए ऐसे रिश्ते को बुरी नजरों से बचाकर रखा जाता है

मियां बीवी में मोहब्बत की दुआ

मियां बीवी में मोहब्बत की दुआ

ताकि वह टूटने नहीं पाए। इसकी मन्नत के लिए मियां और बीवी में मोहब्बत की दुआ की कामना करने के साथ-साथ कुरआन में दी गई आयातें पढ़ी जाती हैं। दुआ को पढ़ने पर अल्लाहताला रिश्ते को मजबूत, बेहतरीन और अफजल बना देते हैं।

कायम रहे मोहब्बत 

कई बार मियां और बीवी के बीच किसी दूसरे शख्स के आ जाने, या कहें गैर मर्द या गैर औरत की दखलांदाजी से उनके मोहब्बत की मिठास कड़वापन में बदल जाती है। इस तरह का अनैतिक रिश्ता कब पनप जाए कहना मुश्किल है,

लेकिन मोहब्बत के वजीफे से इसे मियां-बीवी के बीच मोहब्बत कायम रखा जा सकता है। दोनों के दरम्यान एक-दूसरे के प्रति वफा को खत्म होने से बचाया जा सकता है।

इस वजीफे को मियां-बीवी द्वारा तहे दिल पढ़ा जाना चाहिए ताकि उनके विभिन्न वजहों से उनकी शादी बनी रहे, किसी दूसरे की अनैतिक दखलंदाजी नहीं होने पाए,

रिश्तों में भरोसा बना रहे वे वेबफाई की गलतफहमी से बचे रहें इत्यादी। मोहब्बत की दुआ के वास्ते सिलसिलेवार ढंग से दिए गए तरीके को अपनाएंः-

  • मियां और बीवी अपने-अपने पहनने वाले एक-एक साफ कपडा लें। वह रूमाल भी हो सकता है। दोनों के ऊपर चंदन का तेल डालकर उसे सूखने दें। यह काम शनिवार के दिन करें।
  • इतबार को सूर्योदय से पहले घंटे में सुराह अन्फाल की पहली 10 आयातें पढ़ें और उस कपड़े पर दम करें, अर्थात फूंक मारें। इस आयत के बारे में मौलवी से पूरी जानकारी कर लें।
  • दोनों कपड़ों को गुलाबी धागे से बंाध दे। उसे ऐसे पेड की एक डाल से बांध दें जिसमें फल आ चुके हों। ध्यान रहे उन कपड़े को हवा में उड़ने जैसी स्थिति में बांधें।
  • यह एक तरह से पाक आयत पढ़कर दुआ मांगने के साथ-साथ एक असरकारी टोटका भी है।
  • उसके बाद अल्लाह से दुआ मांगें कि आपके रिश्ते और शादी भी पेड़ में लगे फल की तरह फलती रहें और शादीशुदा जिंदगी में कभी कोई परेशानी नहीं आए।
  • इसके अलावा एक टोटका नमक के साथ किया जा सकता है। मियां-बीवी के बीच प्यार-मोहब्बत को बढाने वाला वजीफा 121 बार पढ़कर नमक के ऊपर फूंक मारें। उसके बाद उस नमक को सब्जी की करी में मिलाकर शौहर को खिला दें। इस वजीफा पढ़ने से पहले और बाद में तीन बार दुरूद-ए-शरीफ जरूर पढ़ें।

शौहर की मोहब्बत

अक्सर निकाह के कुछ समय बाद ही लड़की को जब मालूम होता है कि उसका शौहर उससे मोहब्बत नहीं करता है। शौहर को वह पसंद नहीं है, जबकि उसमें सभी तरह के रूप-गुण और आकर्षण है। तब इस हालत में उसकी परेशान हो जाती है।

हर औरत चाहती है कि उसका शौहर उससे बेपनाह मोहब्बत करे। उसकी तारीफ करे। उसकी मोहब्बत के तुलना में रुपया-पैसा, सोना-चांदी के गहने और अच्छे-अच्छे कपड़े को फीका समझती है। यदि किसी औरत का शौहर उससे मोहब्बत नहीं करता

तब उसे चाहिए कि वह शौहर बीवी में मोहब्बत का वजीफा पढ़े और अल्लाह से दुआ करे। यह वजीफा वह अपने घर पर शौहर के साथ या उससे दूर रहते हुए भी कर सकती है। इसके लिए उसे कुछ बातों का इल्म होना जरूरी है।

  • सबसे पहले वजीफे के लिए ताजा वजू कर लें।
  • उसके बाद 11 मर्तबा पाक दुरूद शरीफ को पढ़ें।
  • पाक दुरूद को पढ़ने के बाद पाक दुआ को पढ़ें। वह हैः- हा या हुक्कु बिहाकी तुन्कफील।
  • इसके बाद एक बार फिर से 11 मर्तबा पाक दुरूद शरीफ पढ़ें।
  • इस तरह अल्लाह से दुआ मांगने का एक चरण पूरा होने पर खाने की किसी मिठी चीज पर दम करें। उसके बाद शौहर के दिल मंे मोहब्बत पैदा हो जाएगी।
  • इस पाक वजीफे को सात दिनों तक लगातार करना चाहिए।
  • गौर करेंः खवातीन को इसे करने से पहले यह अवश्य गौर करें कि दुआ कुरान पाक की आयत है, इसलिए हैज यानी माहवारी के दरम्यां इस पाक वजीफा को नहीं करें।
  • इस वजीफे को वैसी औरत भी करत सकती जिसका शौहर कामकाज के दौरान उससे दूर रहता है और किसी दूसरी बुरी यानी बाजारू औरत के पास जाता है।
  • इसके साथ ही जब किसी औरत को महसूस हो कि उसका शौहर किसी और से मोहब्बत करने लगा है तब इस वजीफे के जरिए शौहर की मोहब्बत को हासिल कर सकती है।

नहीं टूटेगी शादी

शौहर-बीवी का रिश्ता जितना मजबूत होता है, उतना ही नाजुक भी।  अल्लाह ने इस रिश्ते को बेहद पेचीदा बनाया है। अगर कोई मियां-बीवी चाहते हैं कि उनके बीच की मोहब्बत हमेशा के लिए बरकरार रहे और वे किसी तरह की गलतफहमी के शिकार नहीं होने पाएं तब उन्हें मियां-बीवी के दरम्यां मोहब्बत का वजीफा का इस्तेमाल करना चाहिए।

इस वजीफे को पूरी पाबंदी के साथ पढ़ने पर इंशा अल्लाह, राब्बुल अलिमीन रिश्ते को चट्टान से भी ज्यादा मजबूत कर देगा। इसी तरह से अगर आप चाहते हैं कि किसी गलतफहमी की वजह से आपकी शादी टूटने से बच जाए तो इस वजीफ को इस्तेमाल करें। इससे हर किस्म की गलतफहमियां दूर हो जाएंगी।

मिटेगी दूरियां

अगर आप मियंां-बीवी एक-दूसर से बेपनाह मोहब्बत करते हैं। परंतु किसी वहज से आप दोनों के बीच दूरियां बन गई है और आपदोनों एक दूसरे के बगैर एक पल भी नहीं गुजार सकते हैं तो अल्लाह से मोहब्बत की दुआ मांगें। आल्ला मियां आपके ऊपर अवश्य रहम करेगा और आप दोनों के बीच की दूरियां खत्म कर देगा।

इसी तरह से यदि शौहर से दूरी बन जाने के बाद आपको लगता है  िकवह आपको छोड़ किसी दूसरी औरत से निकाह कर लेगा तो आपको अल्लाताला से मियां बीवी के दरम्यां मोहब्बत की आजमूदा दुआ मांगें। इससे शौहर हमेशा के लिए आपका वफादार बना रहेगा।

इन सभी समस्याओं के लिए नीचे दिए गए आयत को पढते हुए वजीफे या दुआ का इस्तेमाल करें। मियां-बीवी दोनों में से कोई भी 28 दिनों तक प्रतिदिन 108 बार इस आयत को पढें। आयत हैः- हा या हक्कु बी हक्की तान काफील।

इसे पढ़ने के बाद 1000 मर्तबा या वादूदो पढ़ें और खाने की किसी वस्तु पर दम करें। उसे दोनों मियां-बीबी एकसाथ बैठकर खाएं।

किसी के दिल में मोहब्बत डालना

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